ग्रहों के रत्न ज्योतिष में ग्रहों की शक्ति को बढ़ाने या शांत करने के लिए पहने जाते हैं। सूर्य के लिए माणिक्य, चंद्र के लिए मोती, मंगल के लिए मूंगा, बुध के लिए पन्ना, गुरु के लिए पुखराज, शुक्र के लिए हीरा, शनि के लिए नीलम, राहु के लिए गोमेद और केतु के लिए लहसुनिया रत्न उपयोग किए जाते हैं।
नवग्रह रत्न और उनके ग्रह:
- सूर्य: माणिक्य ( माणिक )
- चंद्र: मोती
- मंगल: मूंगा (प्रवाल)
- बुध: पन्ना
- गुरु (बृहस्पति): पुखराज
- शुक्र: हीरा
- शनि: नीलम
- राहु: गोमेद (हेसोनाइट)
- केतु: लहसुनिया (कैट्स आई)
रत्न धारण करने का उद्देश्य:
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ग्रहों को मजबूत करना:
यह रत्न धारण करने से कुंडली में संबंधित ग्रह की शक्ति बढ़ती है, जिससे व्यक्ति को लाभ होता है।
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अशुभ प्रभाव कम करना:
ग्रहों के अशुभ प्रभावों को कम करने या शांत करने के लिए भी रत्न धारण किए जाते हैं।
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जीवन की समस्याओं का समाधान:कुछ लोग ग्रह-संबंधित समस्याओं और जीवन में आने वाली मुश्किलों से राहत पाने के लिए भी रत्नों का सहारा लेते हैं।
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